सुल्तानपुर, नवम्बर 24 -- सुलतानपुर, संवाददाता मजाहिर हुसैन के इमाम बाड़े गोराबारिक अमहट में रविवार को जनाबे फातमा जहरा की याद में एक शेरो शायरी का आयोजन किया गया। जिसमें सबसे पहले मौलाना डाक्टर शेर हैदर ने तकरीर की। उन्होने फात्मा जहरा के जीवन परिचय पर रोशनी डालते हुए कहा कि फातमा के पिता मोहम्मद साहब थे। उनकी माता का नाम जनाबे खदीजा था, जो अरब की मलिका थीं। उनकी दौलत पर अरब के लोग पलते थे। मोहम्मद साहब के इस्लाम को फैलाने में खदीजा की दौलत और मोहम्मद साहब के चचा अबू तालिब की ताकत ने अहम रोल अदा किया। इस मौके पर औन अब्बास, नकी अब्बास, आलम सुलतानपुरी, सुलतान सुलतानपुरी, हैदर सुलतानपुरी, जीशान, शेर हैदर, मजाहिर, जाफरी, अली हैदर, कौसर, खावर, जरगाम, मौलाना आसिफ नकवी ने नौहा पेश‌ किया। संचालन सुलतान हैदर ने किया। यह जानकारी हैदर अब्बास खान अध्...