मधुबनी, सितम्बर 16 -- मिथिला स्टूडेंट यूनियन लंबे अरसे से छात्रों के लिए संघर्षरत है। छात्रों के दम पर बड़ी से बड़ी छात्र हित की लड़ाइयां लड़ीं। संघर्ष के परिणाम स्वरूप एलएमएसयू की जो डिग्री पांच वर्ष में मिलती थी, वह तीन वर्ष में मिलने लगी। अब यहां केन्द्रीय विद्यालय, कृषि महाविद्यालय व शहर में छात्रों की पढ़ाई के लिए अच्छी पुस्तकालय की दरकार है। प्रशासनिक व राजनैतिक उपेक्षा की वजह से अबतक यह मांगें पूरी तरह से लंबित हैं। एमएसयू के निवर्तमान राष्ट्रीय महासचिव प्रियरंजन पाण्डेय कहते हैं कि मिथिला स्टूडेंट यूनियन ने पिछले कई वर्षों से मधुबनी जिले में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना के लिए संघर्ष कर रहे हैं। संगठन के कार्यकर्ताओं ने वर्ष 2018 में आमरण अनशन भी किया, जिसके बाद प्रशासन ने राजनगर प्रखंड के परिहारपुर में विद्यालय के लिए दस एकड़ जमी...
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