सीतापुर, जुलाई 17 -- महोली, संवाददाता। राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत महोली सीएचसी पर सीएचओ, एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं के लिए रोग प्रबंधन पर बुधवार को एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर रुग्णता प्रबंधन एवं दिव्यांगता उपचार (एमएमडीपी) किट के जरिए फाइलेरिया प्रभावित अंगों की देखभाल और सफाई करने के बारे में जानकारी दी गई। वेक्टर बॉर्न डिजीज के नोडल अधिकारी व डिप्टी सीएमओ डॉ. दीपेंद्र वर्मा ने बताया कि यह लाइलाज बीमारी है, एक बार बीमारी हो जाने पर जिंदगी भर इसके साथ ही जीना पड़ता है। इसलिए फाइलेरिया के रोगी को हमें मानसिक संबल देने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि इस बीमारी में दवा के साथ-साथ नियमित रूप से व्यायाम करना भी बहुत आवश्यक है। नियमित व्यायाम से सूजन में कमी आती है।
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