जमुई, फरवरी 2 -- जमुई, निज संवाददाता मैं नहीं समझ पायी की मुझे फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी भी हो सकती है। जो कुरूपता के साथ हाथी पाँव का रूप लेगा। ये बीमारी मुझे शारीरिक पीड़ा के साथ -साथ समुदाय के तिरस्कार का भी सामना करना पड़ सकता है। ये कहते हुए जमुई जिले के लक्ष्मीपुर निवासी अनीता देवी कहती हैं इस बीमारी के होने का प्रमुख कारण है की मैंने इस गंभीर बीमारी से सुरक्षित रहने हेतु कभी दवा खायी ही नहीं। आज उस समय को याद करती हूँ जब दवा खाने हेतु आशा कार्यकर्ता कहती थी तो दवा लेकर रख तो लेती तो थी पर उसे खाती नहीं थी। ये सोचकर की मैं तो पूरी तरह से ठीक हूँ, भला मुझे ये दवा खाने की क्या जरुरत है। यही गलती मुझे हाथी पाँव के गिरफ्त में। अनीता देवी कहती हैं जब से ये गंभीर बीमारी हुई है। तब से घर के काम तो छोड़ो खुद का ठीक से ख्याल नहीं रख पा रही हू...
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