बेगुसराय, फरवरी 7 -- नावकोठी, निज संवाददाता। आगामी 10 फरवरी से शुरू होने वाले 14 दिवसीय फाइलेरिया उन्मूलन अभियान की सफलता को लेकर पीएचसी नावकोठी में विकासशील जीविका कर्मियों को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में मॉनिटर शंभू नाथ चौधरी ने अभियान के तहत किए जाने वाले कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि फाइलेरिया एक गंभीर रोग है, जिसके सामान्यतः प्रारंभिक लक्षण स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देते। यह रोग मादा क्यूलैक्स मच्छर के काटने से फैलता है। जब यह मच्छर फाइलेरिया से संक्रमित व्यक्ति को काटने के बाद किसी स्वस्थ व्यक्ति को काटता है तो संक्रमण फैलता है। इसका प्रभाव जननांग व अंडकोष अथवा हाथ-पैर में सूजन के रूप में दिखाई देता है। उन्होंने बताया कि एमडीए के तहत दी जाने वाली दवा दो वर्ष से कम आयु के बच्चों को तथा खाली पेट नहीं दी जानी है।...