उन्नाव, फरवरी 3 -- उन्नाव। फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम की रूपरेखा तय करने दिल्ली से छह सदस्यीय डॉक्टरों की टीम मंगलवार को पुरवा पहुंची। टीम में शामिल डॉक्टरों ने लोगों को दवाओं के बारे में जानकारी देने के साथ बीमारी से बचाव के बारे में भी जागरुक किया। फाइलेरिया एक परजीवी रोग है जो मुख्यत: वुचेरेरिया बैनक्रॉफ्टी जैसे परजीवी से होता है। जब इस परजीवी से संक्रमित मादा क्यूलेक्स किसी व्यक्ति को काटती है तो परजीवी शरीर के प्रवेश कर जाता है। जिसके बाद यह लसीका तंत्र यानी लिम्फैटिक सिस्टम में रहकर माइक्रोफाइलेरिया नामक लार्वा जन्म देते हैं जो रक्त में फैल जाते हैं। प्रारंभिक अवस्था में संक्रमित व्यक्ति को अक्सर कोई लक्षण नहीं दिखाई देता, लेकिन जैसे-जैसे संक्रमण बढ़ता है, वे हाथ, पैर, अंडकोष या स्तनों में असामान्य सूजन (हाथी पाँव/एलिफेंटियासिस), पे...
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