गंगापार, दिसम्बर 9 -- मेजा, हिन्दुस्तान संवाद। अवारा पशुओं व नीलगायों की संख्या में उत्तरोत्तर वृद्धि से क्षेत्र के किसान पूरी तरह आजिज आ गए हैं। किसानों ने इन जीवों से फसल बचानें के लिए कई बार गहार लगाई, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। हालत यह है कि गेहूं व अन्य फसल की पैदावार पर संकट के बादल हैं। प्रधान बिगहना विनोद कुमार दुबे ने बताया कि उनके गांव में किसानों की कई एकड़ गेहूं की फसल को नीलगाय बर्बाद कर चुके हैं। बिजौरा के किसान देवी प्रसाद मिश्र, मुनिनारायण यादव सहित कई किसानों ने बताया कि गंगा के तरहार इलाके के गांव भुईपारा, अटखरिया, शुक्लपुर, जेवनियां, कुंवरपट्टी, तनरिया, कंजौली, मदरा, कनिगड़ा, बारा दशरथपुर, परानीपुर,पकरी सेवार, दुबेपुर सहित दो दर्जन से अधिक गांवों में इनकी संख्या हजारों में पहुंच चुकी है। इन वन्य जीवों व छुट्टा पशुओं स...