भदोही, अक्टूबर 30 -- ज्ञानपुर, संवाददाता। फसल उत्पादन बढ़ाने के लिए किसानों को मृदा की जांच कराना जरूरी हो गया है। मृदा जांच के बाद ही किसान खेतों में मानक के अनुरूप ही उर्वरक का प्रयोग करें। ताकि गुणवत्तापूर्ण अनाज और मौसमी सब्जी का उत्पादन हो सके। प्राकृतिक खेती के मूलतत्व को किसानों के लिए समझना अत्यंत जरूरी है। कृषि विज्ञान केंद्र बेजवां के हेड एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. विश्वेंदु द्विवेदी ने बताया कि हमारे यहां कृषि विज्ञान केंद्र में मृदा परीक्षण कार्य सुचारू रूप से चालू है। मृदा परीक्षण करके ही उर्वरकों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। इससे मृदा की उर्वरता को बरकरार रखने में मदद मिलेगी साथ ही प्राकृतिक खेती के मूलतत्वों का भी प्रयोग ज़रूरी है। मृदा विशेषज्ञ ताराचंद बैरवा ने बताया कि किसानों के लिए प्रति मृदा नमूना शुल्क 100 रुपया है, जिसम...
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