चंदौली, दिसम्बर 15 -- चंदौली, संवाददाता। फसल अवशेष योजना के तहत कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से कॉलेज स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस क्रम में सोमवार को केवीके अध्यक्ष डॉ. नरेंद्र रघुवंशी के नेतृत्व में सदर विकास खंड के फतेहपुरकला में स्थित एक कालेज में कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस दौरान फसल अवशेष प्रबंधन पर कला, निबंध और मौखिक प्रश्नोनत्तरी की प्रतियोगिता कराई गई। इसमें 127 से अधिक छात्र एवं छात्राओं ने प्रतिभा किया। इस दौरान मृदा वैज्ञानिक डॉ. चंदन सिंह ने कहा कि किसान फसल अवशेषों में आग लगा देते हैं। इससे पर्यावरण प्रदूषण होता है। साथ ही मृदा में पोषक तत्वों का नुकसान होता है। पराली को खेत में मिला देने से मृदा उर्वरा शक्ति बढ़ती है। कहा कि पशुओं के गोबर की खाद को मिट्टी में मिलने से मिट्टी की उर्वरा शक्ति एवं क्षमता बढ़ती...