हापुड़, जनवरी 7 -- कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा बुधवार को गांव भटियाना और लालपुर में फसल अवशेष प्रबंधन परियोजना के तहत किसानों को जागरूक करने के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान किसानों को बताया कि बढ़ती वैश्विक जनसंख्या और बढ़ती खाद्यान्न मांग के बीच, किसानों को मृदा स्वास्थ्य से समझौता किए बिना कृषि उत्पादकता में सुधार करने की आवश्यकता है। केंद्र प्रभारी डॉक्टर अरविंद कुमार ने बताया कि फसल अवशेष प्रबंधन (सीआरएम) एक ऐसी रणनीति है, जो जुताई की आवृत्ति और तीव्रता को कम करने और पिछली फसलों के बचे हुए अवशेषों की मात्रा बढ़ाने पर आधारित है। इस प्रबंधन पद्धति का लक्ष्य मिट्टी और जल की गुणवत्ता का संरक्षण करते हुए कई अन्य पारिस्थितिक और आर्थिक लाभ प्रदान करना है। उन्होंने बताया कि उच्च पैदावार, ईंधन, बिजली, सिंथेटिक कीटनाशकों और उर्वरकों जै...