आजमगढ़, दिसम्बर 7 -- आजमगढ़, संवाददाता। फसल अवशेष प्रबंधन परियोजना अंतर्गत ग्राम स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन विकास खंड पल्हनी के ग्राम सभा जयरामपुर में शनिवार को किया गया। कृषि विज्ञान केंद्र कोटवां के नवनियुक्त वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डा. अखिलेश कुमार यादव ने किसानों को संबोधित करते हुए बताया कि किसान अपनी फसलों के अवशेषों को ना जलाएं। फसलों के अवशेषों को जलाने से मृदा, वायु, वातावरण आदि में गंभीर नुकसान होते हैं। केंद्र के वरिष्ठ मृदा वैज्ञानिक डा. रणधीर नायक ने बताया कि फसलों के अवशेषों को खाद बनाकर उसको अपने मृदा में मिलाकर अपनी खेत की मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बढ़ाने साथ ही साथ वातावरण को प्रदूषित होने से बचा सकते हैं। डा. रणधीर नायक ने किसानों को बताया कि फसल अवशेष को खेत में सड़ाने के लिए वेस्ट डीकंपोजर का घोल का प्रयोग कर...