रांची, जून 22 -- रांची, विशेष संवाददाता। अर्द्ध शुष्क उष्णकटिबंधीय फसलों से संबंधित अंतरराष्ट्रीय फसल अनुसंधान संस्थान (इक्रीसैट), हैदराबाद के महानिदेशक डॉ हिमांशु पाठक ने झारखंड में कृषि विकास के लिए बेहतर फसल नियोजन, जल संसाधन प्रबंधन, धान की कटाई के बाद खाली पड़े खेत के बेहतर इस्तेमाल और सौर ऊर्जा और लघु सिंचाई के क्षेत्र में अधिक निवेश पर जोर दिया है। रविवार को बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के खरीफ अनुसंधान परिषद की बैठक में उन्होंने कहा कि एकल खेती और कृषि यंत्रीकरण की कमी झारखंड में कृषि विकास की प्रमुख बाधाएं हैं। फसलों में जलवायु लचीलापन बढ़ाना, फसल गहनता बढ़ाना, बीज पद्धति का सुदृढ़ीकरण, मूल्य संवर्धन, क्षमता निर्माण, कटाई उपरांत प्रसंस्करण और वन से जुड़े कृषि का विविधीकरण जैसे विषय शोध की प्राथमिकता होनी चाहिए। भारतीय कृषि अनुसंधान प...
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