लखीमपुरखीरी, फरवरी 26 -- बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में बच्चों के एमएडीएम के लिए बर्तन खरीद को करीब चार करोड़ रुपये का बजट सरकार ने दिया था। इस बजट से स्कूलों में ऐसे बर्तनों की खरीद करनी थी जिनकी जरूरत एमडीएम बनाने के लिए स्कूल में होगा। बजट मिलने के बाद स्कूलों में बर्तन खरीद में मनमानी की गई। बीएसए के निरीक्षण में इसकी पोल खुली है। एक स्कूल तो ऐसा मिला जहां बर्तन तो नहीं मिले बल्कि बर्तन खरीद के बिल बाउचर जरूर दिखे। ऐसे में बर्तन बेचने वाली फर्म सवालों के घेरे में हैं। जिन फर्मों से बर्तन खरीद के बिल लगाए गए हैं उनकी जांच हो तो पोल खुल जाएगी। स्कूलों में बच्चों को रोज एमडीएम दिया जाता है। एमडीएम बनाने के लिए बर्तन, रसोई गैस और बच्चों के लिए थाली ग्लास आदि की व्यवस्था की जाती है। लगभग सभी स्कूलों में बच्चों के खाने के लिए बर्तन पहले ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.