बगहा, अगस्त 12 -- बेतिया में लोकल ब्रांडेड फर्नीचर की दुकानें धड़ाधड़ खुल रही हैं। दुकानदारों और इनमें फर्नीचर बनाने वाले कारीगरों की समस्याएं कई तरह की हैं। बिहार के अलावे यूपी, झारखंड और नेपाल में यहां के निर्मित ब्रांडेड फर्नीचर की आपूर्ति की जाती है, पर इन दुकानदारों और करीगरों को सरकार की ओर से सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। यहां तक तक कि उनके बच्चों का आरटीई के तहत नामांकन तक नहीं हो पाता है। राजकोट, जमुना नगर, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उड़ीसा व पश्चिम बंगाल से कच्चा माल मंगवाया जाता है। इसमें खर्च अधिक आता है। रही सही कसर जीएसटी पूरी कर देता है। बेतिया में फर्नीचर के इन ब्रांडेड प्रतिष्ठानों में सैकड़ों लोगों को रोजगार भी मिलता है। वहीं इन कर्मियों को सरकार की ओर से शिक्षा, स्वास्थ्य और आवास से जुड़ी हुई मूलभूत सुविधा आज भी नह...
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