नई दिल्ली, दिसम्बर 31 -- फर्टिलिटी यानी प्रजनन क्षमता आज के समय में कई लोगों के लिए एक अहम स्वास्थ्य मुद्दा बन चुकी है। आज की तेज रफ्तार जिंदगी, अनियमित खानपान, तनाव और हार्मोनल असंतुलन का सीधा असर फर्टिलिटी पर पड़ता है। ऐसे में आयुर्वेद केवल इलाज नहीं बल्कि शरीर, मन और भावनाओं के संतुलन पर जोर देता है। आयुर्वेदिक एक्सपर्ट Dr. Dixa Bhavsar Savaliya के अनुसार, फर्टिलिटी केवल प्रजनन अंगों तक सीमित नहीं होती बल्कि यह अच्छे पाचन, मानसिक शांति और पोषक आहार से जुड़ी होती है। कुछ खास प्राकृतिक फूड्स नियमित डाइट में शामिल करने से रिप्रोडक्टिव हेल्थ को बेहतर किया जा सकता है। 1. आंवला: आंवला एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है, जो हार्मोन बैलेंस करने और एग व स्पर्म क्वालिटी सुधारने में मदद करता है। यह इम्युनिटी भी बढ़ाता है। रोज सुबह आंवला या उसका जूस ले...
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