रांची, दिसम्बर 8 -- रांची, संवाददाता। झारखंड के बहुचर्चित फर्जी नक्सल सरेंडर मामले में झारखंड हाईकोर्ट में सोमवार को सुनवाई हुई। झारखंड काउंसिल फॉर डेमोक्रेटिक राइट्स द्वारा दायर जनहित याचिका पर चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस राजेश शंकर की पीठ ने कड़ा रुख अपनाया। कोर्ट के आदेश पर राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) तदाशा मिश्रा सशरीर उपस्थित हुए। अदालत ने कड़ी नाराजगी जताते हुए सवाल किया कि वर्ष 2021 में आदेश पारित होने के बावजूद अब तक राज्य पुलिस और सरकार ने कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की। अदालत ने कहा कि इतने संवेदनशील मामले को हल्के में लिया जा रहा है और निचले अधिकारी से शपथ पत्र दायर कराया जाना उचित नहीं है। डीजीपी ने कोर्ट से माफी मांगते हुए कहा कि गलती हुई है और समय देकर जल्द विस्तृत जवाब दायर किया जाएगा। 15 को होगी अगली सुनवाई...
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