रुद्रपुर, फरवरी 2 -- जसपुर, संवाददाता। न्यायिक मजिस्ट्रेट जहांआरा अंसारी ने फर्जी दस्तावेजों से नौकरी हासिल करने वाले शिक्षक को अलग-अलग धाराओं में साढ़े पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर छह हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। वर्ष 2018 में उप शिक्षा अधिकारी आशाराम चौधरी ने बच्चों को पढ़ाने में लापरवाही, पढ़ाई का स्तर कमजोर होने और शिक्षक की योग्यता पर संदेह होने पर राजकीय प्राथमिक विद्यालय टीला में तैनात सहायक अध्यापक विजेंद्र कुमार के हाईस्कूल व इंटर के प्रमाणपत्रों की जांच कराई। जांच में सामने आया कि नौकरी के लिए प्रस्तुत किए गए केएलजीएम इंटर कॉलेज, नकुड़ का वर्ष 1994 का हाईस्कूल प्रमाणपत्र और हिन्दू राष्ट्रीय इंटर कॉलेज, गंगोह (सहारनपुर) का वर्ष 1997 का इंटर प्रमाणपत्र फर्जी व कूटरचित थे। इन फर्जी प्रमाणपत्रों के आध...