प्रयागराज, फरवरी 2 -- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश में प्रदेशभर के सहायक अध्यापकों की नियुक्ति की जांच करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने जांच प्रक्रिया छह माह में पूरी करने को कहा है। यह भी कहा है कि जिन अध्यापकों की नियुक्तियां फर्जी पाई जाती हैं, उनकी नियुक्ति रद्द कर उनसे वेतन की वसूली की जाए। कोर्ट ने प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा को यह कार्य छह महीने के भीतर पूरा करने और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि न केवल अवैध नियुक्तियां रद्द की जाएं बल्कि वेतन की वसूली भी की जाए और मिलीभगत करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। देवरिया की गरिमा सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से कई सर्कुलर और निर्देश जारी होने के बावजूद शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने के ल...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.