नई दिल्ली, दिसम्बर 13 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने ट्रैफिक नियमों के नाम पर धोखाधड़ी और जबरन वसूली करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरोह फर्जी स्टिकर बेचकर व्यावसायिक वाहनों को नो-एंट्री नियमों से बचाने का दावा करता था। पुलिस ने गिरोह के सरगना समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, ट्रैफिक धोखाधड़ी से जुड़ा यह तीसरा संगठित गिरोह है, जिसका खुलासा हाल के महीनों में हुआ है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रिंकू राणा उर्फ भूषण, उसके सहयोगी सोनू शर्मा और मुकेश कुमार उर्फ पकोड़ी के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक रिंकू राणा एक सुनियोजित नेटवर्क चला रहा था, जो प्रतिबंधित समय में मालवाहक वाहनों की आवाजाही के लिए 2,000 से 5,000 रुपये प्रति वाहन की दर से फर्जी मार्का या स्टिकर बनवाकर ब...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.