बिजनौर, जुलाई 18 -- अपनी वास्तविक जाति छिपाकर अनुसूचित जाति का फर्जी प्रमाण पत्र बनवाकर कोतवाली ब्लॉक के असलमपुर भुल्लन में आरक्षित महिला की सीट पर ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ने वाली बंगाल की महिला शिवाली को दोषी पाते हुए एससी/एसटी एक्ट कोर्ट के विशेष जज अवधेश कुमार ने तीन वर्ष की कठोर सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 20 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। हल्का लेखपाल को साक्ष्य के अभाव में दोष मुक्त कर दिया है। विशेष लोक अभियोजक शलभ शर्मा व वादी के अधिवक्ता विनोद कुमार ने बताया कि विश्व दलित परिषद युवा मोर्चा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष नगीना निवासी पुष्पेंद्र आनंद पुत्र ईष्टा नंद ने रिपोर्ट दर्ज कराई। जिसमें उसने 27 जुलाई 2017 को पुलिस अधीक्षक बिजनौर को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि कोतवाली ब्लॉक के ग्राम पंचायत असलमपुर भुल्लन में ग्राम प्रधान...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.