नई दिल्ली, फरवरी 13 -- सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण फैसले में हाईकोर्ट के एक आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें छह साल से अधिक समय तक फरार रहे एक हत्या के आरोपी को अग्रिम जमानत दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी को चार सप्ताह में निचली अदालत के समक्ष सरेंडर करने का निर्देश दिया और कहा कि वह वहां नियमित जमानत के लिए आवेदन करने को स्वतंत्र होगा। न्यायमूर्ति जे. बी. परदीवाला और विजय बिश्नोई की पीठ ने फैसला देते हुए कहा कि किसी भगोड़े को सह-आरोपियों के बरी होने का लाभ उठाने की अनुमति देना एक 'बुरी मिसाल' कायम करता है और कानून से बचने को बढ़ावा देता है। फैसला लिखने वाले जस्टिस बिश्नोई, ने कहा कि यह सर्वविदित तथ्य है कि आम तौर पर फरार आरोपी अग्रिम जमानत का हकदार नहीं होता। हालांकि, कुछ अपवादों में, जहां एफआईआर, केस डायरी और रिकॉर्ड में मौ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.