मुंबई, अगस्त 30 -- मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे और सरकार के बीच बातचीत बनती नहीं दिखाई दे रही है। जरांगे और सरकारी प्रतिनिधिमंडल के बीच शनिवार को मुंबई में हुई बातचीत बेनतीजा रही। जारंगे ने सेवानिवृत्त न्यायाधीश संदीप शिंदे को बातचीत के लिए भेजने पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की भी आलोचना की। सेवानिवृत्त न्यायाधीश शिंदे मराठों को आरक्षण देने की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए राज्य सरकार द्वारा गठित समिति के अध्यक्ष हैं। दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान में दो दिन से जारी अपनी भूख हड़ताल जारी रखने का संकल्प लेते हुए जरांगे ने कहा कि मराठों को आरक्षण देने की घोषणा करने वाला सरकारी प्रस्ताव (जीआर) जारी करना न्यायमूर्ति शिंदे का काम नहीं है। आरक्षण की अंतिम लड़ाईसरकार ने मराठा नेता से बातचीत के लिए दिन में ही प्रतिनिधिमंडल...
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