गोरखपुर, जुलाई 3 -- गोरखपुर, कार्यालय संवाददाता। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। विश्वविद्यालय के भौतिकी विभाग के असिस्टेंट प्रो डॉ. अंबरीश कुमार श्रीवास्तव ने हाइड्रोजन के स्टोर और उसके इस्तेमाल की शुलभ तकनीक ढूंढते हुए शोध किया है। इस शोध को पॉलिन्यूक्लियर सुपर अल्कलाइज फॉर हाइड्रोजन स्टोरेज एंड इट्स मेथड ऑफ प्रिपरेशन नाम दिया गया है, जो भारत सरकार ने पेटेंट के रूप में प्रकाशित किया है। यह शोध हाइड्रोजन भंडारण के क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम माना जा सकता है। प्रो. डॉ. अंबरीश ने बताया कि सुपर अल्कलाइज ऐसी यौगिक हैं, जिनकी आयनन ऊर्जा अल्कली तत्वों से कम होती है। शोध में ऐसे पॉलिन्यूक्लियर सुपर अल्कलाइज यौगिकों का विकास किया गया है, जो हाइड्रोजन गैस के स...
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