पटना, फरवरी 1 -- बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ (भासा) ने कहा है कि जब तक सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में पर्याप्त आधारभूत संरचना, उपकरणों की उपलब्धता, चिकित्सकों-नर्सों आदि की पूर्ण व्यवस्था तथा प्रोत्साहन सुनिश्चित नहीं की जाती, तब तक सरकारी चिकित्सकों के निजी प्रैक्टिस पर प्रतिबंध व्यावहारिक और न्यायसंगत नहीं होगा। भासा की रविवार को चिकित्सकीय एवं स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों को लेकर आईएमए हॉल में बैठक हुई, जिसमें सर्वसम्मति से उक्त बातें कही गईं। बैठक में यह भी कहा गया कि निजी प्रैक्टिस पर किसी भी प्रकार का प्रतिबंध लगाने से पूर्व इसे वैकल्पिक रखा जाना चाहिए। निजी प्रैक्टिस पर रोक लगाने का विचार किया जाए तो उसके साथ उचित नन प्राइवेट प्रैक्टिस एलाउएंस (एनपीए) अथवा वैकल्पिक आर्थिक प्रोत्साहन की व्यवस्था अनिवार्य रूप से की जाए। सरकार यदि इसे जबरद...
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