लखनऊ, जुलाई 30 -- लखनऊ, कार्यालय संवाददाता मुंशी प्रेमचंद का साहित्य आज भी उतना ही प्रासंगिक है जितना आज से सौ वर्ष पूर्व था। प्रेमचंद की कहानियां एवं उपन्यास आज भी प्रासंगिक, सार्थक एवं समाज को दिशा प्रदान करने वाली हैं। अभिव्यक्ति कल्चरल एंड वेलफेयर सोसाइटी ने हिन्दी कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद की 145वीं जयंती की पूर्व संध्या पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए साहित्य गोष्ठी का आयोजन किया। जिसमें नगर के वरिष्ठ साहित्यकारों, रंग कर्मियों एवं कलाकारों ने भाग लेकर उनके जीवन व साहित्य पर चर्चा की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सेवानिवृत्त आईएएस एवं समाजसेवी नागेश्वर नाथ उपाध्याय और मुख्य वक्ता प्रसिद्ध रंगकर्मी ललित सिंह पोखरिया मौजूद थे। मुंशी प्रेमचन्द पर आधारित कार्यक्रम वर्तमान सामाजिक परिवेश में मीडिया एवं मंच पर मुंशी प्रेम...
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