देवरिया, अप्रैल 3 -- देवरिया, निज संवाददाता। बीते 31 मार्च को एक और शैक्षिक सत्र बीत गया। इसी के साथ ही जिले में कुछ शिक्षणेत्तर कर्मचारी, शिक्षक और प्रधानाचार्य सेवानिवृत्त हो गए। प्रधानाचार्यों की जगह नए शिक्षकों ने चार्ज ले लिया है। इसके बावजूद कुछ विद्यालयों में प्रिंसिपल पद को लेकर घमासान मचा हुआ है। इसमें संगठन से लेकर जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से जुड़े लोग अपने अपने ढंग से दिलचस्पी दिखा रहे हैं। जिसके पक्ष में हस्ताक्षर प्रमाणित होगा, वही प्रधानाचार्य माना जाएगा। असली लड़ाई बस यहीं आकर अटक जाती है। जिले में संचालित 122 वित्तीय सहायता प्राप्त प्रबंधकीय विद्यालयों में से बीते 31 मार्च को 12 विद्यालयों के प्रधानाचार्य सेवानिवृत्त हो गए। बहरहाल इनमें से छ: स्थायी और छ: प्रभारी प्रधानाचार्य के तौर पर कार्य देख रहे थे। इनके सेवानिव...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.