सहरसा, फरवरी 19 -- नवहट्टा, एक संवाददाता। नगर पंचायत नवहट्टा के सभी 18 वार्डों में शव जलाने के लिए स्थायी स्थल चिन्हित नहीं होने से लोगों को वर्षों से कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। अंतिम संस्कार जैसे संवेदनशील कार्य के लिए परिजनों को सड़क किनारे, नहर के पास या अन्य अस्थायी स्थानों का सहारा लेना पड़ता है। जगह के अभाव में लोग नवहट्टा-बिहरा पथ के किनारे तथा कोसी सिंचाई नहर के समीप शवों का दाह संस्कार करने को मजबूर हैं। यह स्थिति न केवल सामाजिक दृष्टि से असहज है, बल्कि कई बार विवाद और तनाव का कारण भी बनती है। स्थायी शवदाह स्थल के अभाव में कई परिवार निजी जमीन पर अंतिम संस्कार करने का प्रयास करते हैं, जिससे भूमि स्वामियों के साथ तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो जाती है। ग्रामीणों के अनुसार, ऐसी घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं, जब अंतिम संस्कार...