पूर्णिया, दिसम्बर 16 -- धमदाहा, एक संवाददाता। फर्जी अस्पताल में प्रसव कराने के गंभीर मामले में प्राथमिक दर्ज होने के पंद्रह दिन बाद भी संबंधित आशा को चयन मुक्त नहीं किए जाने को लेकर अब सवाल तेज हो गए हैं। क्षेत्र की महिलाओं को गुमराह कर कथित रूप से एक फर्जी अस्पताल में ले जाकर सिजेरियन से प्रसव कराने के आरोप के बावजूद अब तक ठोस प्रशासनिक कार्रवाई नहीं होने से लोग हैरान हैं। गौरतलब है कि अनुमंडल मुख्यालय में 'धमदाहा अस्पताल' नाम से संचालित एक फर्जी संस्थान का खुलासा उस समय हुआ, जब अनुमंडल पदाधिकारी अनुपम कुमार, अंचलाधिकारी रविंद्र नाथ और अनुमंडलीय अस्पताल धमदाहा के तत्कालीन उपाधीक्षक डॉ. मनोज कुमार ने संयुक्त रूप से जांच की थी। जांच के दौरान कुंवाड़ी गांव से लाई गई दो प्रसूताओं और नगर पंचायत क्षेत्र के ढोकवा गांव की एक प्रसव पीड़िता ने अधि...