मुरादाबाद, मई 6 -- आईएफटीएम विश्वविद्यालय में इंडियन नॉलेज सिस्टम सेल की ओर से 'प्राचीन वैदिक शिक्षा पर विचार पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी के मुख्य अतिथि और लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, दिल्ली के कुलपति प्रो. मुरलीमनोहर पाठक और आईएफटीएम विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. संजीव अग्रवाल ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन और पुष्पार्पण कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। विवि के कुलसचिव डॉ. अग्रवाल ने कहा कि आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ भारत की प्राचीन कालीन ज्ञान परंपराओं को जीवंत रखने का प्रयास किया जाना भी अत्यंत आवश्यक है। मुख्य अतिथि प्रो. पाठक ने प्राचीन कालीन भारतीय शिक्षा प्रणाली अत्यंत समृद्धिशाली बताते हुए कहा कि हमारे यहां के चारों वेदों की रचना विश्व की सर्वोत्तम ज्ञान परंपरा का जीवंत उ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.