मुजफ्फरपुर, फरवरी 14 -- मुजफ्फरपुर, मृत्युंजय। बिहार विश्वविद्यालय सेवा आयोग द्वारा नियुक्त हुए सहायक प्राध्यापकों के अनुभव प्रमाणपत्रों की जांच में रोजाना नए खुलासे हो रहे हैं। ताजा मामला प्राचार्य के फर्जी दस्तखत से अनुभव प्रमाणपत्र बनाने का सामने आया है। बीआरएबीयू से संबद्ध एक कॉलेज के प्राचार्य ने विवि प्रशासन को पत्र लिखा है कि उनके फर्जी हस्ताक्षर से अनुभव प्रमाणपत्र जारी कर दिया गया है। जिस अभ्यर्थी ने यह अनुभव प्रमाणपत्र दिखाया है, वह कभी इस कॉलेज का हिस्सा नहीं रहा। इसलिए कॉलेज अनुभव प्रमाणपत्र को सत्यापित नहीं करता है। बीआरएबीयू में वर्ष 2020 से 2025 तक नियुक्त हुए सहायक प्राध्यापकों के अनुभव प्रमाणपत्रों और अन्य दस्तावेजों की जांच की जा रही है। रजिस्ट्रार समीर कुमार शर्मा का कहना है कि दोषी पर कार्रवाई होगी। स्कूल में शिक्षक रह...