रामगढ़, फरवरी 20 -- रामगढ़, शहर प्रतिनिधि। होली-उमंग, उत्साह और रंगों का त्योहार है। एक ऐसा दिन जब हर चेहरा लाल, गुलाबी, हरे और पीले रंगों से खिल उठता है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों से बाजार में रासायनिक (केमिकल) रंगों और खतरनाक मिलावटी गुलाल की भरमार हो गई है। इन केमिकल रंगों से त्वचा जलने, एलर्जी होने और आंखों को नुकसान पहुंचने का खतरा बना रहता है। इस बार रामगढ़ के लोगो की होली के रंग कुछ खास होने वाले हैं, क्योंकि 'पलाश' के तहत झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (जेएसएलपीएस) रामगढ़ जिला की स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) की दीदियों की ओर से पारंपरिक विधि से हर्बल गुलाल तैयार किया जा रहा है। रामगढ़ जिले के सभी छः प्रखंडों में सखी मंडल की दीदियों ने हर्बल गुलाल के उत्पादन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है। जिले की कुल 49 सखी मंडल की दीदियों ने मिल...