लोहरदगा, जनवरी 2 -- लोहरदगा, संवाददाता। लोहरदगा के प्राकृतिक सुंदरता के लिए मशहूर स्थानों पर लकड़ी माफिया की कुल्हाड़ी चल रही है। नव वर्ष का जश्न मनाने लोग पेशरार प्रखंड के विभिन्न नदी, जंगल, झरनों, पहाड़ियों पर पहुंच रहे हैं। मगर वहां का नजारा पिछले सालों के मुकाबले काफी बदला-बदला नजर आ रहा है। इसकी वजह है यह है कि पेड़ों के काटने से हरियाली तेजी से गायब हो रही है। यह स्थिति पेशरार के केकरांग, किस्को प्रखंड के बहावार-तिसिया, और कुडू प्रखंड के नामुदाग इलाके में देखने को मिल रही है। लेकिन सबसे ज्यादा खराब स्थिति पेशरार की है। केकरांग झरने से आगे बढ़ते ही सड़क के किनारे कई जगहों पर बड़े पेड़ काटकर गिरा दिए गए हैं। दिनदहाड़े लकड़ी के बोटे साइकिलों, बाइक और गाड़ियों पर लादकर लकड़ी का अवैध कारोबार करने वाले लोग आराम से ले जाते हैं। स्थानीय लोग...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.