खगडि़या, मार्च 20 -- खगड़िया । नगर संवाददाता प्राकृतिक तरीके से आलू की खेती करने पर काफी कम खर्च में किसान को अच्छी आमदनी हो सकती है। कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा इस बार प्रयोग के तौर पर प्राकृतिक तरीके से महज पांच कट्ठा जमीन में आलू की खेती की गई। आलू के कुफरी ख्याति वेराइटी क ी खेती की गई। बताया जा रहा है कि पांच कट्ठा जमीन में 40 क्विंटल आलू का उत्पादन हुआ है। यानि आकलन के अनुसार प्रति हेक्टेयर औसतन 320 क्विंटल आलू का उत्पादन हुआ है। कृषि विज्ञान केन्द्र के वरीय वैज्ञानिक एन के सिंह ने कहा कि आलू की खेती में न तो रसायनिक खादों का उपयोग किया गया और न ही जैविक खाद का। यानि प्राकृतिक तरीके से किए गए खेती के कारण न तो फसल पर कीट का असर हुआ और न ही पाला का असर हुआ। आलू का पैदावार बेहतर हुआ। इस पद्धति को किसानों को अपनाने की जरूरत है। प्राकृति...
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