बागपत, जनवरी 28 -- बागपत। लोगों के स्वास्थ्य बेहतर करने और धरती की कोख को जहर से बचाने के लिए प्राकृतिक खेती के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार प्रोत्साहित कर रही है और लगातार जागरूक किया रहा है। सरकार की अपील पर जिले के किसान प्राकृतिक खेती की राह पर निकल पड़े है। संख्या कम है, लेकिन भविष्य में अन्य किसान भी जागरूक होंगे। यहां लगभग 1250 किसान प्राकृतिक खेती अपनाकर उस राह पर चल पड़े हैं जहां मिट्टी जहर से नहीं, जीवन से महकती है। ब्लॉक छपरौली, बागपत और खेकड़ा के गांवों इस हरित आंदोलन में किसान शामिल होकर रासायनिक खाद और जहरीले कीटनाशकों से दूरी बना रहे हैं। जिला कृषि अधिकारी बाल गोविंद यादव ने बताया कि सबसे सुखद संकेत यह है कि किसानों में प्राकृतिक खेती के लिए जागरूकता आ रही है। हर किसान जागरूक हो जाएगा तो क्षेत्र में डीएपी और यूरिया की मांग कम हो...