नई दिल्ली, दिसम्बर 3 -- नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री, भारत इसी साल अगस्त में तमिलनाडु के किसानों का एक समूह मुझसे मिलने आया। बातचीत के दौरान उन किसानों ने खेती में उत्पादकता व निरंतरता बढ़ाने के लिए वे कैसे नई-नई तकनीक अपना रहे हैं, इसके बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कोयंबटूर में प्राकृतिक खेती पर आयोजित एक सम्मेलन का मुझे न्योता दिया। न्योता स्वीकार करते हुए मैंने उनसे वादा किया कि मैं अवश्य आपके बीच आऊंगा। इसलिए, 19 नवंबर को मैं 'साउथ इंडिया नेचुरल फार्मिंग समिट 2025' में शामिल होने के लिए मनोरम शहर कोयंबटूर में था। एक ऐसा शहर, जिसे एमएसएमई की रीढ़ माना जाता है, प्राकृतिक खेती पर एक बड़े सम्मेलन की मेजबानी कर रहा था। जैसा कि हम सब जानते हैं, प्राकृतिक खेती भारत की पारंपरिक ज्ञान प्रणाली और आधुनिक पारिस्थितिकीय सिद्धांतों से प्रेरित ...