भदोही, नवम्बर 20 -- ज्ञानपुर। प्राकृतिक खेती संग पशुपालन करना किसानों के लिए काफी लाभदायक साबित होगा। मृदा शक्ति बढ़ने के साथ ही अनाज का उत्पादन भी बढ़ेगा। किसानों को प्राकृतिक खेती को लेकर गंभीर होना जरूरी है। कृषि विज्ञान केंद्र बेजवों द्वारा संगोष्ठी का आयोजान कर कृषकों को इसके प्रति जागरूक किया जा रहा है। कृषि विज्ञान केंद्र बेजवां के हेड और वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. विश्वेंदु द्विवेदी ने बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर किसान संतुलित उर्वरकों का प्रयोग करें। रासायनिक खेती को क्रमवार कम करते हुए प्राकृतिक खेती व पशुपालन के सामंजस्य से उन्नत खेती करने का प्रयास होना जरूरी है। प्राकृतिक खेती किसानों को कम लागते में ज्यादा मुनाफा देने के साथ ही अनाज की गुणवत्ता भी बढ़ाता है। मृदा स्वास्थ को बनाए रखने में किसान क्या सावधानी बरतें यह भी समझना जरूर...
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