गोरखपुर, फरवरी 5 -- गोरखपुर, मुख्य संवाददाता। महानगर में प्राइवेट बस अड्डा स्थापित करने की प्रक्रिया उस समय विवादों में आ गई, जब खजनी रोड क्षेत्र में प्रस्तावित एक प्राइवेट बस अड्डा संचालित करने वाली फर्म द्वारा बिजली निगम की फर्जी अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) जमा किए जाने का मामला सामने आया। फर्जी दस्तावेज सामने आने के बाद जिलाधिकारी दीपक कुमार मीणा के निर्देश पर सभी पांचों आवेदकों के दस्तावेजों की गहन जांच और सत्यापन कराया जा रहा है। शासन की नीति के आधार पर लखनऊ रोड पर एक, खजनी रोड के दो स्थानों और वाराणसी मार्ग पर दो स्थानों पर प्राइवेट बस अड्डा स्थापित करने के लिए कुल पांच प्रस्ताव प्राप्त हुए। सभी आवेदकों ने भूमि स्वामित्व या लीज से संबंधित दस्तावेज, तहसील से प्रमाण-पत्र, लोक निर्माण विभाग एवं विद्युत विभाग से एनओसी उप समिति के समक्ष ...