कानपुर, जनवरी 5 -- सिकंदरा। यूरिया खाद सहकारी संघ पर नाकाफी होने के कारण किसान परेशान नजर आ रहे हैं। हालात ये हैं कि यूरिया प्राइवेट दुकानों पर भी नहीं है। गेहंू की फसल को खाद को जरुरत है। इसके बाद भी अभी तक खाद का कोई इंतजाम होता नहीं दिख रहा है। महमूद बुजुर्ग स्थित सहकारी संघ पर यूरिया की कई खेप आ चुकी हैं, लेकिन क्षेत्र बड़ा होने के कारण अधिकतम किसानों को कृषि के एवज में यूरिया उपलब्ध नहीं हो पायी। सबसे बड़ी विडंबना है कि यूरिया प्राइवेट दुकानों पर भी उपलब्ध नहीं है। अगर कहीं ब्लैक में मिल भी रही है तो हर बोरी यूरिया के साथ एक बोरी जिंक भी लेने को बाध्य कर रहे हैं। किसान अभय कुमार, शिवनाथ कुशवाहा, रामबाबू, अतर सिंह, निर्मल कुमार, मनोज पांडेय, लालजी दीक्षित ने बताया कि संघ पर यूरिया की कई खेपें आ चुकी हैं। हर किसान को 2 बोरी यूरिया लाइन म...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.