संभल, अप्रैल 20 -- मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. तरुण पाठक ने शनिवार को आयोजित चौपाल कार्यक्रम के दौरान सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि यदि कोई आशा बहू गर्भवती महिला का प्रसव सरकारी अस्पताल की बजाय किसी प्राइवेट चिकित्सक के यहां करवाने के लिए प्रेरित करती है या अपने कार्यों में लापरवाही बरतती है तो ऐसी आशा कार्यकर्ताओं को तत्काल प्रभाव से हटाने की कार्रवाई की जाएगी। सीएमओ ने कहा कि सरकार द्वारा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को लेकर कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनमें आशा बहुओं की भूमिका अहम है। लेकिन अगर कोई आशा बहू निजी लाभ के लिए योजनाओं का दुरुपयोग करती है या सरकारी व्यवस्थाओं से गर्भवती महिलाओं को दूर करती है, तो यह बेहद गंभीर मामला है।
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