पटना, मार्च 10 -- श्रम संसाधन मंत्री संतोष कुमार सिंह ने कहा है कि बिहार के बाहर प्रवासी मजदूरों की दुर्घटना या आपदा में मौत होने पर सरकार की ओर से उनके पार्थिव शरीर को लाया जाता है। इसके लिए नई दिल्ली में एक प्रवासी केंद्र भी खोला गया है जहां श्रम अधीक्षक व अन्य पदाधिकारियों की पोस्टिंग है। मौजूदा वित्तीय वर्ष में 47 प्रवासी श्रमिकों के पार्थिव शरीर को उनके घरों तक पहुंचाया गया है। सोमवार को विधानसभा में अख्तरूल ईमान के ध्यानाकर्षण के जवाब में मंत्री ने पलायन शब्द पर आपत्ति जताई। कहा कि पलायन का अर्थ होता है कि घर बेचकर लोगों का बिहार से चले जाना। बिहार में लालू राज नहीं है, जो लोग पलायन करेंगे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में सुशासन की सरकार चल रही है। लोगों को देश के किसी भी राज्य में काम करने का अधिकार है। उन्हें प्रव...
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