वाराणसी, फरवरी 4 -- वाराणसी/जक्खिनी, हिटी। खेतों की बिना जुताई गई गेहूं की फसल बोने का प्रयोग काफी हद तक सफल रहा है। अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान (इरी) ने आराजी लाइन ब्लॉक के पनियरा गांव में 55 एकड़ खेतों में यह अभिनव प्रयोग किया। इसके साथ ही चंदौली, गाजीपुर और जौनपुर जनपदों में फसलें लहलहाने लगी हैं। दअसल, मिट्टी की दशा सुधारने में कम जुताई या बिना जुताई को अब वैज्ञानिक महत्वपूर्ण मानने लगे हैं। इसको ध्यान में रखते हुए अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. सुधांशु सिंह के निर्देशन में पनियरा गांव समेत मंडल के तीन अन्य जनपदों में पिछले वर्ष में नवम्बर में किसानों को इस विधि की जानकारी दी। इन्होंने शून्य जोताई विधि से 55 एकड़ खेत में इसका ट्रायल किया। अब करीब ढाई महीने बाद फसल लहलहाने लगी है। इसका मकसद कम लागत में किसानों ...