भागलपुर, फरवरी 8 -- भागलपुर, कार्यालय संवाददाता। शोध केवल प्रमोशन और पब्लिसिटी के लिए नहीं बल्कि ज्ञान ग्रहण करने और उसे समावेशी बनाने के लिए हो। ज्ञान का अर्थ है प्रमाण। किसी तथ्य को स्वीकार तभी कर सकते हैं जब उसकी प्रमाणिकता हो। यह बातें शनिवार को टीएनबी कॉलेज में जबलपुर के रानी दुर्गावती विवि के प्रो. सीएस ठाकुर ने कही। वे कॉलेज में दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार के प्री-कॉन्फ्रेंस के मौके पर अध्यक्षता करते हुए बोल रहे थे। इसका विषय 'समकालीन बिहार : पूर्वधारणाओं से परे बिहार की सामाजिक-सांस्कृतिक परिवेश का बहुविषयक विश्लेषण' है। जेएलएनएमसीएच के प्राचार्य डॉ. अविलेश कुमार ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम हमारे समाज के लिए एक प्रेरणास्रोत के रूप में साबित हो सकता है। मारवाड़ी कॉलेज प्राचार्य डॉ. संजय कुमार झा और टीएनबी कॉलेज प्राचार्य डॉ. दीपो...