सिद्धार्थ, फरवरी 4 -- सोहना, हिन्दुस्तान संवाद। भनवापुर क्षेत्र के बुढ़ऊ चौराहे पर चल रहे नौ दिवसीय संगीतमयी श्रीरामकथा के चौथे दिन सोमवार की रात कथावाचिका कनकेश्वरी देवी ने प्रभु श्रीराम के जन्म की कथा सुनाई। कथा सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। इस दौरान सभी को बताया कि प्रभु श्रीराम का जन्म सिर्फ रावण का वध करने को नहीं अपितु समाज को सत्य, धर्म और मर्यादा का मार्ग दिखाने को भी हुआ था। कथावाचिका ने कहा कि जब धरती पर अधर्म, अन्याय और अत्याचार बढ़ गया और राक्षसों का आतंक चारों ओर फैलने लगा तब देवताओं और ऋषि-मुनियों ने भगवान विष्णु से रक्षा की गुहार लगाई। इसी प्रार्थना के फलस्वरूप त्रेतायुग में अयोध्या नगरी में राजा दशरथ के घर भगवान विष्णु ने श्रीराम के रूप में अवतार लिया। उन्होंने बताया कि प्रभु श्रीराम का जन्म केवल रावण वध के लिए नहीं हुआ, ...