गंगापार, नवम्बर 4 -- सोरांव, हिन्दुस्तान संवाद। धर्म सम्राट भरत गुरुदेव वशिष्ठ एवं तीनों माताओं के साथ प्रभु श्री राम से मिलने चित्रकूट धाम पहुंचे। विभिन्न पौराणिक कथाओं का उल्लेख करते हुए बड़े भाई श्रीराम से अयोध्या लौटने का आग्रह किया। प्रभु श्रीराम ने पिता के वचन को पूर्ण करने के लिए अयोध्या लौटने से इंकार कर दिया। भरत ने बड़े भाई श्री राम की चरण पादुका सिर पर रखकर अयोध्या के लिए निकल पड़े। भरत मिलाप का मार्मिक दृश्य देख उपस्थित दर्शकों की आंखें भर आईं। नवोदय बाल विकास रामलीला समिति हंसराजपुर के तत्वाधान में सोमवार को भारत मिलाप रामलीला के दृश्य का मंचन किया गया। भ्रात प्रेम के मार्मिक दृश्य ने दर्शकों को भाव विभोर कर दिया। भरत ने प्रभु श्री राम के चरण पादुका को अयोध्या के सिंहासन पर स्थापित कर स्वयं बड़े भाई प्रभु श्री राम की तरह तपस्...
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