वाराणसी, सितम्बर 13 -- रामनगर (वाराणसी), संवाददाता। अयोध्या से गाजे-बाजे, लाव-लश्कर के साथ श्रीराम और चारों भाइयों की बारात निकली। जनकपुर और अयोध्या दोनों ही जगहों पर खुशियां बरसने लगीं। समूचा जनकपुर सीता-राम के विवाह की तैयारियों में मगन था। इधर अयोध्या के बालक, वृद्ध, नारी सब बाराती बन उमंग में झूमते नाचते जनकपुर की ओर बढ़ चले। चारों भाई जब दूल्हा बनकर जनकपुर पहुंचे तो लगा कि जैसे देवलोक उतर आया हो। रामलीला के छठें दिन शुक्रवार को माहौल खुशी से सराबोर रहा। श्रीराम विवाह का प्रसंग संपादित हुआ। दूतों ने अयोध्या पहुंचकर राजा दशरथ को राजा जनक का पत्र दिया तो उनकी खुशी का ठिकाना न रहा। उन्होंने गुरु वशिष्ठ, भरत और रानियों को पत्र पढ़कर सुनाया। पत्र में बारात लेकर आने के निमंत्रण के साथ धनुष यज्ञ का वृतांत था। राजा दशरथ बारात की तैयारी करने क...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.