प्रयागराज, जनवरी 16 -- श्री संकीर्तन भवन में आयोजित श्रीमद्भागवत चरित्र सप्ताह का शुक्रवार को समापन हुआ। स्वामी दयानंद के सानिध्य और ट्रस्ट की मंत्री रजनी मेहरोत्रा के निर्देशन में आयोजित कथा के अंतिम दिन रुक्मिणी विवाह और सुदामा चरित्र का मार्मिक वर्णन किया गया। कथा व्यास पंडित श्रीराम पाण्डेय ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा का मिलन सच्ची मित्रता और निष्काम भक्ति का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने कहा कि प्रभु केवल प्रेम के भूखे हैं, वहां धन का कोई महत्व नहीं है। कथा के अंत में राजा परीक्षित के मोक्ष और कलयुग में नाम-स्मरण की महिमा बताई गई। इस अवसर पर महापौर गणेश केसरवानी, डॉ. सियाराम त्रिपाठी, रामलखन शुक्ल और राजेश शुक्ला आदि उपस्थित रहे।
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