वाराणसी, जून 27 -- वाराणसी। मुख्य संवाददाता शाम के छह बजे हैं। महमूरगंज स्थित बेनीराम बाग के प्रवेश द्वारा पर सुहागिनों का समूह मंगल गीत गा रहा है। उनके हाथ में छोटा मूसल और सूप है। सूप में दीपक जल रहा है। 223 साल पुरानी डोली पर सवार भगवान जगन्नाथ का महिलाएं परछन कर रही हैं। एक पखवारे तक स्वास्थ्य लाभ लेने के बाद प्रभु जगन्नाथ गुरुवार की शाम अपनी ससुराल के द्वार पर खड़े हैं। अगले 27 से 29 जून तक तीन दिन प्रभु ससुराल में रह कर नगर भ्रमण करेंगे। इस दौरान रथयात्रा का मेला भी लगेगा। परछन और आरती के बाद भगवान जगन्नाथ को बाग में प्रवेश कराया गया। इससे पूर्व शाम करीब 4:30 बजे अस्सी स्थित जगन्नाथ मंदिर से भगवान की डोली यात्रा आरंभ हुई। घूरे कहार की नौवीं पीढ़ी के प्रतिनिधियों ने डोली कंधे पर उठाई तो मौके पर मौजूद भक्तवृंद जय जगन्नाथ और हर-हर महादे...
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