मुजफ्फरपुर, अक्टूबर 11 -- मुजफ्फरपुर, मुख्य संवाददाता। धमकी या लालच के प्रभाव में आ सकने वाले मतदाताओं को इससे बचाने की इस बार पुख्ता व्यवस्था की गई है। चुनाव आयोग के निर्देश पर इस बार कई स्तरों पर भेद्य व वर्नरेबल बूथों की निगरानी की जाएगी। आर्थिक व सामाजिक रूप से पिछड़े लोगों के मोहल्लों की 24 घंटे निगरानी होगी। वहां आने जाने वालों की ऑडियो-वीडियो रिकार्डिंग के अलवा खुफिया अधिकारियों की तैनाती भी जाएगी। जिले के उन टोले-मोहल्लों को चिह्नित किया जा चुका है, जहां प्रत्याशी धमकी और लालच का इस्तेमाल कर सकते हैं। ये सभी टोले वैसे हैं जहां के निवासी सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े माने जाते हैं। ऐसे लोगों के पूरे टोले व मोहल्ले की पहचान चुनाव आयोग ने कराई है। यहां पर आने जाने वाले हर व्यक्ति की निगरानी होगी। खासकर प्रत्याशी और उनके समर्थकों की...