वाराणसी, मई 15 -- वाराणसी। सुबह-ए-बनारस आनंद कानन की प्रभाती में बुधवार को युवा कलाकार श्रीदेवी शरवाणी का शास्त्रीय गायन हुआ। उन्होंने राग मियां की तोड़ी में विलंबित तीनताल निबद्ध बंदिश 'मेरो मन याहू रटे जो से आरंभ किया। द्रुत तीनताल में बंदिश 'लंगर कांकरिया जिन मारो और 'रे मन सुमिर ले हनुमंता से गायन को विस्तार देने के बाद समापन मराठी अभंग से किया। तबला पर कृष्ण कुमार उपाध्याय एवं संवादिनी पर हर्षित उपाध्याय ने संगत की। कलाकार को प्रमाण पत्र संस्था के संस्थापक सचिव डॉ. रत्नेश वर्मा एवं समाज सेविका वृंदा ने प्रदान किया। संचालन डॉ. प्रीतेश आचार्य ने किया।
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