रुद्रप्रयाग, सितम्बर 29 -- राजकीय शिक्षक संघ के पूर्व प्रान्तीय प्रवक्ता कालिका प्रसाद सेमवाल ने राजकीय शिक्षकों की मांगों का पूर्ण समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को प्रोन्नतियों से वंचित रखना उनके मौलिक अधिकारों पर कुठाराघात है। उत्तराखंड का शिक्षा विभाग आज जंगलराज का शिकार हो चुका है। प्रधानाचार्य पद पर सीधी भर्ती करना पूरी तरह गलत है। प्रेस को जारी बयान में सेमवाल ने कहा कि वे स्वयं छत्तीस वर्षों की सेवा के बाद भी प्रोन्नति नहीं पा सके। बिना प्रोन्नति पाए ही सेवानिवृत्त हो गए, ऐसे सैकड़ों शिक्षक हैं जो विभाग की गलत नीतियों के शिकार हो रहे हैं। पूर्व प्रान्तीय प्रवक्ता ने कहा कि राज्य गठन के बाद जो लोग वरिष्ठता का कार्य कर रहे थे, वे अज्ञानी थे तथा वरिष्ठता का निर्धारण ऐसा किया कि वरिष्ठ को कनिष्ठ तथा कनिष्ठ को वरिष्ठ बना दिया...
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